पौड़ी। कोटद्वार में मालन पुल के टूटने के बाद जिला प्रशासन ने नए पुल को तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने लोनिवि को बीआरओ जैसी तकनीकि एजेंसी के माध्यम से क्षतिग्रस्त पुल को दोबारा बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने एक एसडीएम को राहत मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया है।
शुक्रवार को डीएम डॉ. आशीष चौहान ने वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र में बारिश के कारण हुई क्षति के बारे में जानकारी हासिल की। डीएम ने लोक निर्माण विभाग को तत्काल बीआरओ जैसी तकनीकि एजेंसी के माध्यम से क्षतिग्रस्त पुल का अवलोकन करने निर्देश दिए। साथ ही जल्द उसी स्थान पर दोबारा पुल तैयार करने को भी कहा।
सिंचाई विभाग को कोटद्वार क्षेत्र में जिन- जिन नदियों में बाढ़ का खतरा है या नदी का पानी आबादी में घुसने की संभवाना बनी है। वहां पर पानी की उचित निकासी(चैनलाइज) करने के निर्देश दिए। सीएमओ पौड़ी व बाल विकास अधिकारी को उन्होंने कहा कि ऐसे जगह पर जहां गर्भवती महिलाओं की डिलीवीरी होनी है, उनकी नियमित निगरानी की जाए।
डीएम ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में दस सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। लोनिवि द्वारा नदी पर कनेक्टिविटी से जोड़ने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। जब तक स्थायी रूप से पुल का निर्माण नहीं होता बैली ब्रिज बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप शुरू किया गया है। इस दौरान अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग पीएस बृजवाल, सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार, एसडीएम प्रमोद कुमार व मंजीत सिंह, उरेडा अधिकारी राजेश्वरी देवी आदि मौजूद रहे।