श्रीनगर मेरी धरोहर सोसाइटी के अधिवेशन के शुभारंभ के मौके पर ढोल - दमाउं की प्रस्तुति देते कलाकार
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उत्तराखंड की लोक संस्कृति के प्रति समर्पित अपनी धरोहर सोसाइटी का द्वितीय वार्षिक अधिवेशन में संस्कृति, कला और भाषा के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस मौके पर बागेश्वर से आई लोक कलाकारों की टीम ने वाद्य यंत्रों की धुनों से समा बांधा।
शुक्रवार को धरोहर सोसाइटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के संरक्षक व पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखीराम जोशी, कार्यक्रम अध्यक्ष अतर सिंह असवाल, साकेत अग्रवाल और राजकीय शिक्षक संघ के कमल किशोर डिमरी ने कार्यक्रम की शुरुआत की। संस्था के सचिव विजय भट्ट ने बताया कि पिछले साल नवंबर में नैनीताल में प्रथम अधिवेशन हुआ था। इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए देवताओं का आह्वान और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गोल्ज्यू यात्रा का संकल्प लिया गया था।
इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष मनमोहन चौधरी, बीएस मेहता, भुवन कांडपाल, कोषाध्यक्ष सतीश पांडेय, विधिक सलाहकार दिवाकर पांडेय, सुनीता जोशी, निवेदिता परमार, श्याम सुंदर रौतेला, लवी चिलवाल, कुशलानाथ और गिरीश पैन्यूली आदि मौजूद रहे।