पौड़ी। जल्द ही जिले के थलीसैंण ब्लॉक के जल्लू गांव में पहला आलू ग्रेडिंग सेंटर की स्थापना होगी। इससे काश्तकारों को उच्च मानकों से युक्त आलू बीज तो मिलेगा ही साथ ही उनके आलू भी अच्छे दाम में बिक सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस केंद्र को करीब 25 लाख की लागत से बनाया जाना है। ब्लॉक कार्यालय थलीसैंण को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
थलीसैंण ब्लॉक जनपद में सर्वाधिक आलू उत्पादन करता है। इसको और बढ़ावा देने के लिए अब उच्च तकनीक से लैस आलू ग्रेडिंग सेंटर बनाया जाएगा। इसे जल्लू गांव में पूर्व में ही स्थापित आलू बीज काेल्ड स्टोर के समीप ही बनाया जाना प्रस्तावित है। वैज्ञानिक विधि से उच्च मानक युक्त आलू बीज काश्तकारों को मुहैया कराने की मंशा से यह केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इस सेंटर में आलुओं की पैदावार की पहले ग्रेडिंग होगी। इसके बाद उत्तराखंड स्टेट सीड एंड आर्गेनिक प्रोडक्शन सर्टिफकेशन एजेंसी (यूएसएस एंड ओपीसीए) द्वारा क्यूआर कोड युक्त तकनीक से आलुओं को प्रमाणित किया जाएगा। क्यूआर कोड में आलू की प्रजाति समेत सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी। विभाग की मानें तो ग्रेडिंग के बाद केंद्र में अधिकतम 1100 क्विंटल आलुओं को बीजों के रूप में स्टोर किया जा सकेगा।
कैसा होगा ग्रेडिंग सेंटर
पौड़ी। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि 26 गुणा 25 फीट के ग्रेडिंग सेंटर में स्टोर रूम, वॉशिंग एरिया व ग्रेडिंग रूम बनाया जाएगा। जिसकी क्षमता 1100 क्विंटल आलू स्टोर करने की है। सेंटर में आधुनिक तकनीक से आलुओं की ग्रेडिंग की जाएगी। इसके लिए उद्यान विभाग को जिला योजना से 20 लाख जबकि मनरेगा से 5 लाख की राशि जारी की गई है।