श्रीनगर। बछेली ग्रामसभा के तरुली में बीते नौ अक्तूबर को महिला को निवाला बना देने वाला गुलदार दस दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। इस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगाए गए 16 ट्रैप कैमरों में भी वह कैद नहीं हो पाया, न ही वन विभाग की टीम को नजर आया। तरुली घटना के बाद क्षेत्र में गुलदार दहशत बरकरार है। वन विभाग की 12 सदस्यीय गश्त टीम के साथ तीन शिकारी भी क्षेत्र में तैनात हैं, बावजूद इसके न तो उन्हें गुलदार दिखायी दे रहा है न हीं पिंजरे में कैद हो पाया है। बीते रविवार को बछेली गांव से लगे जंगल में ग्रामीणों को गुलदार दिखे। वन विभाग की टीम सूचना पर मौके पर पहुंची, लेकिन गुलदार उसके बाद नजर नहीं आया। उप प्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट ने बताया कि क्षेत्र में टीमें लगातार गश्त पर हैं। गुलदार पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन से भी क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। संवाद
जारीसुधीर रावत