जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के कंप्यूटर साइंस व जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने कृत्रिम न्यूरल नेटवर्क पर विस्तार से चर्चा की। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रो. पपेंद्र कुमार ने कहा कि कृत्रिम न्यूरल नेटवर्क (एएनएन) असल मस्तिष्क की नकल करके समस्या के समाधान करने में मदद करता है। बताया कि जिस तरह मस्तिष्क नई समस्याओं को हल करने के लिए पिछले अनुभव से प्राप्त जानकारी को लागू करता है, एक कृत्रिम न्यूरल नेटवर्क न्यूरान्स की एक प्रणाली का निर्माण कर सकता है। जो नए अनुभवों, वर्गीकरण और पूर्व अनुभवों के आधार पर भविष्यवाणी करने में सक्षम हो जाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में जैव सूचना विज्ञान की महत्ता व उपयोगिता बहुत अधिक बढ़ गई है। कार्यशाला में नार्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका के डा. रजत एमानुएल, डा. आशुतोष गुप्ता, डा. संजय गैरोला, डा. दीपक डंगवाल, कुंवर दीप नारायण सिंह, जोगेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।