सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुख्य अभियंता उत्तराखंड बीएस खैरा ने बदरीनाथ हाईवे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर नरकोटा में गिरे पुल के पुनर्निर्माण का संपूर्ण जिम्मा ठेकेदार का होगा। इसके लिए विभाग कोई अतिरिक्त धनराशि ठेकेदार को नहीं देगा। खैरा ने विभागीय अधिकारियों को पुल ढहने में तकनीकी खामियों का गंभीरता से अध्ययन कर पुनर्निर्माण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि राजमार्ग के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुख्य अभियंता उत्तराखंड बीएस खैरा ने बदरीनाथ हाईवे का ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोनिवि एनएच खंड के अधिकारियों को राजमार्ग पर बारिश से हुए नुकसान, भूस्खलन प्रभावित स्थानों के ट्रीटमेंट, चौड़ीकरण, वन भूमि हस्तांतरण की आपत्तियों को हल करने के निर्देश दिए।
मुख्य अभियंता खैरा ने कहा कि राजमार्ग पर नरकोट के समीप निर्माणाधीन पुल का ढहना गंभीर चूक है लेकिन अब पुल के पुनर्निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। अधिकारियों को पुल निर्माण में खामियों की गंभीरता से अध्ययन कर पुनर्निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी स्तर पर एनएच के कार्यों में गुणवत्ता से खिलवाड़ बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तोता घाटी, अटाली गंगा सहित राजमार्ग पर अन्य भूस्खलन वाले स्थानों पर ट्रीटमेंट कार्य गुणवत्ता के साथ तेजी से किए जाने के निर्देश दिए।
चीफ इंजीनियर खैरा ने पौड़ी-कोटद्वार राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में वन भूमि हस्तांतरण को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई आपत्तियों का निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए। बारिश से राजमार्ग को हुई क्षति का आंकलन कर सुधारीकरण के निर्देश दिए। सहायक अभियंता बीएम द्विवेदी ने बताया कि पौड़ी से परसुंडाखाल तक राजमार्ग चौड़ीकरण में 32 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान है। केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई आपत्तियों का निस्तारण कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान लोनिवि एचएन खंड रुद्रप्रयाग/श्रीनगर के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, पंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
सटरिंग गिरने से हो गई थी दो मजदूरों की मौत
20 जुलाई को बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा में निर्माणाधीन पुल की सटरिंग गिर गई थी जिससे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि आठ मजदूर घायल हुए थे। मामले में एक सहायक अभियंता, एक अवर अभियंता व एक अधिशासी अभियंता को निलंबित किया गया था।