श्रीनगर। ग्राम सभा सुमाड़ी में मंगलवार को एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामवासियों ने मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत पर एनआईटी परिसर सुमाड़ी के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में ग्रामीणों के प्रतिनिधि के साथ अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने इसे ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार बताते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया। सुमाड़ी के निवर्तमान प्रधान सत्यदेव बहुगुणा, विपुल जोशी, अनुज, शुभम, मनोज, रेखा देवी, अनीता देवी, राजेश आदि ने कहा कि बैठक में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सुमाड़ी गांव की ओर से भी एक प्रतिनिधि अपनी बात रखने हेतु बैठक में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जबकि ग्रामीणों ने एनआईटी के लिए 80 प्रतिशत भूमि निशुल्क दान दी है। इसके बाद गांव के प्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से बैठक से बाहर कर दिया गया। कहा यह न सिर्फ उस प्रतिनिधि का अपमान था, बल्कि पूरे सुमाड़ी गांव की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार है। इससे समस्त ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए मंत्री डाॅ. धन सिंह के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंनेमांग की है कि मंत्री स्वयं सुमाड़ी गांव आकर ग्रामवासियों से इस विषय में संवाद करें और अपना पक्ष रखें। साथ ही ग्रामसभा ने यह भी निर्णय लिया कि यदि भविष्य में भी सुमाड़ी गांव की अनदेखी की जाती है, तो जनआंदोलन किया जाएगा। इस संदर्भ में उच्च शिक्षा मंत्री से संपर्क नहीं हो पाया। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।