श्रीनगर। गढ़वाल विवि के लोक कला संस्कृति निष्पादन केंद्र की ओर से दो दिवसीय नाट्य समारोह आयोजित किया गया। जिसमें ज्ञान की अदृश्य बूंदे नाटक का दो दिन मंचन किया गया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन रोहित यादव ने किया। नाटक के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। दिखाया गया कि शिक्षा का महत्व सिर्फ किताबी पढ़ाई नहीं है, शिक्षा हमारे मस्तिष्क को विकसित कर तर्क-वितर्क की शक्ति प्रदान करती है व हमें सभ्य बनाती है। केंद्र के शिक्षक व आयोजक सचिव तथा उस्ताद बिसमिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित डाॅ. संजय पांडेय ने बताया कि इस नाटक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के मूल रूप को जानना व उसे अपने निजी जीवन में उतारना है। नाटक में प्रकाश व्यवस्था विकेश बाजपेयी, ध्वनि व्यवस्था आनंद कपूर की रही।