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Pauri News: राजकीय पॉलीटेक्नीक संस्थान में पेड़ों पर किया दवा और चूने के घोल का लेपन

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हिमालय बचाओ अभियान के तहत पेड़ों के संरक्षण की संकल्प यात्रा शुरू की गई। इसके तहत धूप, कीड़ों व फंफूद से बचाने के लिए पेड़ों पर चूने और दवा का घोल लगाने की मुहिम शुरू की गई। प्रथम चरण में राजकीय पॉलीटेक्निक में छात्र-छात्राओं ने पेड़ पर चूने व दवा का लेप लगाया गया।
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श्रीनगर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक में अभियान के तहत संकल्प यात्रा का शुभारंभ संस्थान के कार्यवाहक प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह कुंवर और एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग के सहायक प्रो. जितेंद्र बुटोला ने किया। इस अवसर पर शिक्षकों व छात्र-छात्राओं और स्टॉप टीयर्स संस्था के सदस्यों ने परिसर में पेड़ों पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (फंफूदनाशक) और चूने के घोल का लेपन किया।
डॉ. बुटोला ने छात्र-छात्राओं को चूने और दवा के लेपन से होने वाले फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चूना और दवा का घोल लगाने से पेड़ों को फंफूद, कीड़े-मकोड़ों और धूप से बचाया जाता है। पेड़ों पर बीमारियां जमीन, जल और हवा से फैलती हैं। इनमें पेड़ जमीन के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में दवा के साथ चूने का लेपन बीमारियों से बचाव में काम आता है। इसके लिए पेड़ के तने पर एक से डेढ़ मीटर की ऊंचाई तक चूने का लेपन किया जाता है। चूना लगाने से कीड़े इसके नजदीक नहीं आते हैं। इसी प्रकार सन स्ट्रोक (धूप आघात) में चूने का लेपन भी काम आता है।
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चूना लगाने से पेड़ से पानी के वाष्पीकरण की मात्रा कम हो जाती है जिससे पेड़ झुलसने से बच जाता है। उन्होंने बताया कि पेड़ों पर चूना ही लगाया जाना चाहिए। क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से प्राप्त होता है। चूना लगाने से फलदार पेड़ों के फूलों तक तने के जरिए कीड़े नहीं पहुंच पाते हैं। चूने का लेपन ग्रीष्मकाल में करना चाहिए।
पॉलीटेक्निक के कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने कहा कि हर साल पौधे तो लगाए जाते हैं लेकिन पेड़ों की सुरक्षा की तरफ कम ध्यान दिया जाता है। यह काफी महत्वपूर्ण है कि जो पेड़ पहले से मौजूद है सभी उनकी सुरक्षा का संकल्प लें।
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष नौटियाल, फार्मेसी विभागाध्यक्ष सरिता नौटियाल, इलेक्ट्रॉनिस विभागाध्यक्ष आरपी पुरोहित, सूचना तकनीकी विभागाध्यक्ष विनोद डोभाल, कार्यशाला अनुदेशक मनमोहन पटवाल, स्टॉप टीयर्स संस्था के अध्यक्ष प्रमोद बमराड़ा, समन्वयक उत्तम सिंह राणा, धर्मवीर सोनी, अखिलेश उनियाल, कैवल्य जखमोला, कुलदीप रावत और सौम्या पंत आदि मौजूद थे।
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