एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में पूर्व की भांति सीटें यथावत रखने, कैंपस वेटेज और छात्रों की अन्य मांगों के लिए जय हो छात्र संगठन ने प्रदर्शन किया और प्रशासनिक भवन के आगे धरने पर बैठ गए। छात्रों ने रोष जताया कि छात्र हित की बात करने पर विश्वविद्यालय ने उनके ऊपर केस कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की सुरक्षा कर्मियों और पुलिस से काफी बहस भी हुई।
बुधवार को जय हो के सदस्य बिड़ला परिसर से नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने दूसरे नंबर के गेट पर छात्रों को रोकने की कोशिश की लेकिन वह गेट खोलकर अंदर घुस गए और प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों को हटाने पहुंचे सुरक्षा अधिकारी हेमचंद्र जोशी को छात्रों का आक्रोश झेलना पड़ा। छात्रों ने कहा कि उनके ऊपर मुकदमा कर आंदोलन को कुचलने की साजिश की जा रही है लेकिन छात्र मुकदमों से डरेंगे नहीं। छात्रों का गुस्सा देख सुरक्षा अधिकारी वापस चले गए। इसके कुछ देर बाद बाजार चौकी इंचार्ज रणवीर रमोला चार दारोगाओं सहित पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को गेट से हटने के लिए कहा। छात्रों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी का रास्ता नहीं रोका जा रहा है। पुलिस इस मामले में हस्तक्षेप न करे। हालांकि पुलिस ने छात्रों को गेट के एक ओर कर दिया। प्रदर्शन में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित रावत, आयुष मिया, सुधांशु थपलियाल, कैवल्य जखमोला, आशीष राणा और बीरेंद्र बिष्ट आदि शामिल थे।
यह हैं मांगें
- विश्वविद्यालय के परिसरों से स्नातक करने वाले छात्रों को स्नातकोत्तर में पांच फीसदी कैंपस वेटेज दिया जाए।
- विश्वविद्यालय की बस छात्रों को चौरास परिसर तक छोड़ें।
- पीएचडी प्रवेश परीक्षा शीघ्र आयोजित की जाए।
- परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी न हो, इसके लिए नए सॉफ्टवेयर की व्यवस्था की जाए।
- छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार हो।