श्रीनगर। गढ़वाल विवि के लोक कला संस्कृति निष्पादन केंद्र में छात्र-छात्राओं की ओर से गोरा साधु नाटक की प्रस्तुति दी गई। एडवर्ड जेम्स कॉर्बेट की जिंदगी के किस्सों पर आधारित इस नाटक का उद्देश्य पर्यावरण, जंगल व जानवरों के प्रति जागरूकता पैदा करना था। नाटक की शुरुआत दामोदर नाम के एक काल्पनिक पात्र से होती है, जिसका बेटा कॉर्बेट के नाम पर बहुत से धंधे कर रहा है, मगर उसे और उस जैसे कई लोगों को कॉर्बेट के बारे में कुछ पता नहीं है। नाटक में दामोदर को यह बात परेशान करती है कि कॉर्बेट के आस-पास रहने वाले लोगों को कॉर्बेट के बारे में कुछ भी पता नहीं है। इसी बीच एक रिपोर्टर आता है जो कॉर्बेट के बारे में जानना चाहता है, और दामोदर उसे कॉर्बेट की जिंदगी का एक किस्सा सुनाता है। नाटक में यह भी दिखाया गया है कि एडवर्ड जेम्स कॉर्बेट शिकारी होने के साथ-साथ एक महान प्रकृति प्रेमी थे और वह भारत के लोगों के लिए बहुत कुछ सोचते थे व उनकी मदद करते थे। इसी वजह से लोग उन्हें गोरा साधु कहते थे। नाटक में दामोदर की भूमिका में ललित बिष्ट, रिपोर्टर प्रभात नेगी, ग्रामीण गौरव बिष्ट और फरहान रब्बानी व एडवर्ड जेम्स कॉर्बेट का अभिनय अमित तिवारी ने किया। प्रकाश परिकल्पना विकेश वाजपेयी और साउंड डिजाइनिंग दिनेश ने की। मौके पर प्रो. डीआर पुरोहित, संजय पाण्डेय, महेंद्र आदि मौजूद रहे।