पाबौ ब्लाक के मणखोली गांव में ग्रामीण अनियमित पेयजल आपूर्ति से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लिए बनी पेयजल योजना जंगल व गांवों से होकर आती है। ऐसे में पेयजल योजना की लाइन को अक्सर शरारती तत्व नुकसान पहुंचा रहे हैं जिससे यहां पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है। इन दिनों भी गांव में लोग पेयजल किल्लत से परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मोटर मार्ग निर्माण के दौरान पीएमजीएसवाई ने दो प्राकृतिक स्रोतों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है जिससे यह परेशानी और भी बढ़ गई है।
ब्लाक मणखोली के ग्रामीणों ने मुख्यालय पहुंचकर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से मुलाकात की। सामाजिक कार्यकर्ता बीए भंडारी ने बताया कि चार साल पहले जल निगम श्रीनगर ने 16 किमी लंबी ईड़ा-मणखोली पेयजल योजना का निर्माण 98.34 लाख की लागत से किया। इस योजना के पाइप लाइन जंगल व गांवों से गुजरते हैं लेकिन इन दिनों गांव में अनियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है। ऐसे में प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। कहा कि शरारती तत्व लगातार लाइन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पेयजल किल्लत के कारण 100 से अधिक परिवार पानी के लिए परेशान हैं। कहा कि पीएमजीएसवाई ने क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य किया जिससे गांव के दो प्राकृतिक पेयजल स्रोत नष्ट हो गए हैं। जिससे ग्रामीणों को स्वयं के साथ ही मवेशियों को पानी की व्यवस्था करना एक जोखिम भरा काम हो गया है। वहीं जल निगम श्रीनगर के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा ने बताया कि पाइप लाइन को शरारती तत्वों की ओर से नुकसान पहुंचाने पर इसकी शिकायत राजस्व पुलिस से की गई है। पेयजल लाइन दुरुस्त करने के लिए जल्द ही विभागीय कर्मचारी मौके पर भेजे जाएंगे।