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अंकिता हत्याकांड की जांच पर हरदा ने उठाए सवाल

सार

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता हत्याकांड की जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।गांव में अंकिता के माता-पिता से बात करने के बाद उनकी तमाम आशंकाओं पर रावत ने सरकार से संज्ञान लेने की बात कही।उन्होंने अंदेशा जताया कि रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाने में भी उन्हीं का हाथ है।
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता हत्याकांड की जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। गांव में अंकिता के माता-पिता से बात करने के बाद उनकी तमाम आशंकाओं पर रावत ने सरकार से संज्ञान लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए।
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सोमवार सुबह 11:30 बजे उत्तराखंड के पूर्व सीएम अंकिता के गांव धूरों पहुंचे। यहां उन्होंने अंकिता की मां सोनी देवी व पिता बीरेंद्र सिंह भंडारी से करीब दो घंटे तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। रावत ने कहा कि अंकिता हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश गुस्से में है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ सभी के लिए परीक्षा की घड़ी है। उन्होंने कहा कि जघन्य व अमानवीय अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। रावत ने कहा कि सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए।
रावत ने कहा कि आरोपी के पिता साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाने में भी उन्हीं का हाथ है। हरदा ने कहा कि अंकिता के पिता चाहते हैं कि आरोपी के रसूखदार पिता को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आरोपी के पिता को अपने सामने साक्ष्य नष्ट करते हुए देखा है। रिजॉर्ट में सीसीटीवी कैमरों के तार काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और पूरे उत्तराखंड की है। कहा कि जब तक अंकिता के हत्यारों को कठोरतम सजा नहीं मिल जाती, तब तक कोई चुप बैठने वाला नहीं है। संवेदना व्यक्त करने वालो में पृथ्वीपाल सिंह चौहान, बीरेंद्र सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी विनोद नेगी, लाल सिंह नेगी, एडीएम पौड़ी इला गिरी, एसडीएम सदर आकाश जोशी, एसडीएम श्रीनगर अजयवीर सिंह आदि शामिल रहे।
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हरीश रावत के सवाल
पहले के पटवारी को छुट्टी क्यों व किसने दे दी।
आरोपियों की गिरफ्तारी में चार दिन क्यों लगे।
नहर से शव निकलाने में छह-सात दिन क्यों लगे।
पोस्टमार्टम करने वाली टीम में महिला डाक्टर क्यों नहीं थी।
रिजॉर्ट में साक्ष्यों को मिटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया।
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हरदा ने की सीएम और डीएम से बात
पौड़ी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने फोन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम से पूरे देश में गुस्सा है। मामले में और दृढ़ता से कदम उठाने होंगे। हरदा ने कहा परिवार को आर्थिक मदद के साथ ही नौकरी देने की भी जरूरत है। गांव की सड़क व किसी शिक्षण संस्था का नाम अंकिता के नाम पर किया जाए। उन्होंने कहा कि आरोपी के पिता को लेकर लोगों का कहना है कि जब तक वह बाहर रहेंगे, साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास करेंगे।
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ग्रामीणों की मांगें
- मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाते हुए फांसी की सजा दी जाए।
- जांच पूरी होने तक आरोपी के पिता डा. विनोद आर्य को पुलिस हिरासत में रखा जाए।
- अंकिता के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- सरकारी सेवा में परिवार के एक सदस्य को शीघ्र दी जाए नियुक्ति।
- मल्ली-बरसूड़ी मोटर मार्ग का पीड़ित परिवार के घर तक विस्तार व डामरीकरण कर अंकिता के नाम पर हो नामकरण।
- बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के तहत अंकिता के नाम से पुरस्कार दिया जाए।
- रिजॉर्ट की जमीन पर अंकिता के नाम से राजकीय आदर्श कन्या इंटर कालेज बनाया जाए।
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