- सब्जियों, मिर्च और मोटे अनाज की फसलें प्रभावित हुईं
थलीसैंण। पिछले चार-पांच दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने जहां गर्मी और जंगलों में आग की घटनाओं पर अंकुश लगा है वहीं किसानों को भारी नुकसान भी हुआ है। बुधवार को हुई तेज ओलावृष्टि से सब्जियों, मिर्च और मोटे अनाज की फसलें प्रभावित हुईं। विकासखंड के ग्राम कोटा सोबरा निवासी किसान विनोद ढौंडियाल को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने स्वरोजगार के तहत करीब 30 नाली भूमि पर 1500 फलदार सेब के पौधे लगाए थे। ओलावृष्टि से बचाव के लिए लगाए गए सुरक्षा जाल पर भारी मात्रा में ओले जमा हो गए जिससे वजन बढ़ने से कई लोहे के खंभे झुक गए। जाल पेड़ों पर गिर पड़ा जिससे बड़ी संख्या में सेब के पेड़ टूट गए और फसल बरबाद हो गई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सेब की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने प्रशासन और उद्यान विभाग से नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा और सहायता प्रदान करने की मांग की है। संवाद