संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के महड़ पट्टी के ग्रामीणों में दशकों बाद पेयजल की समस्या के समाधान की नई उम्मीद जगी है। शासन ने उमरेश्वर पंपिंग पेयजल योजना के निर्माण के लिए 26 करोड़ 43 लाख 76 हजार रुपये की धनराशि को मंजूरी दी है। योजना के निर्माण से क्षेत्र के 26 गांवों की करीब 30 हजार की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली व्यय एवं वित्त समिति की बैठक में उमरेश्वर पेयजल योजना के प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण के लिए 26 करोड़ 43 लाख 76 हजार रुपए धनराशि मंजूर की है। अलकनंदा नदी तट पर स्थित उमरेश्वर महादेव मंदिर के समीप से पेयजल योजना का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। बताया कि महड़ पट्टी में गहराते जल संकट को देखते हुए इसे प्राथमिकता पर लेते हुए मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया था। लगातार शासन स्तर पर की गई पैरवी के बाद अब ईएफसी की मुहर लगने से योजना के धरातल पर उतरने की सभी अड़चनें दूर हो गई हैं। योजना के तहत क्षेत्र में 50 केएल का एक, 90 केएल का एक, 110 केएल के दो, 200 केएल का एक और 300 केएल क्षमता के छह नए पेयजल टैंक बनाए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति की निरंतर निगरानी और तकनीकी संचालन के लिए पांच अत्याधुनिक ड्यूटी रूम का भी निर्माण किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर योजना की मंजूरी की खबर मिलते ही पूरी महड़ पट्टी में खुशी का माहौल है। विधायक कंडारी ने बताया कि क्षेत्र की बागवान पंपिंग पेयजल योजना में पुराने ढांचे को अपग्रेड करने और नए आधुनिक पंप लगाने के लिए भी अलग से लगभग छह करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई गई है। इस उपलब्धि पर मनमोहन बिष्ट, इंद्रदत्त चौहान, राकेश बिष्ट, यशवंत सिंह और अरविंद कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगाें ने खुशी जताई है।