श्रीनगर। गढ़वाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को फिर से जीवंत करने के लिए युवाओं की अनूठी पहल गढ़वाल वॉक्स लगातार चर्चा में है।बीते एक महीने से यह समूह श्रीनगर की ऐतिहासिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में जुटा है। इस अभियान की शुरुआत 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, तिवारी मोहल्ला से हुई। यात्रा कमलेश्वर महादेव मंदिर होते हुए 18 मई को बैरांगना मठ, शीतला माता मंदिर और गुरु गोरखनाथ तपस्थली तक पहुंची। इस पहल में इतिहासकार कमल रावत, रंगकर्मी अभिषेक बहुगुणा और पर्यटन के क्षेत्र से जुड़े प्रिंस गिरी की अहम भूमिका रही। गढ़वाल वॉक्स के बैनर तले गंगा दशहरा और विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में दो सत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में योग सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, स्थानीय प्रतिनिधि और युवा शामिल हुए। योग सत्र का संचालन महेश गिरी ने किया, जबकि नीलम पुरी बिष्ट और साक्षी पंवार ने योगाभ्यास कराया। वार्ड पार्षद रमेश रमोला और सागर ममगाईं की सहभागिता विशेष रही। शाम को अलकनंदा तट पर पौधरोपण के साथ दूसरे सत्र की शुरुआत हुई। संवाद