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Pauri News: उद्यान विभाग से किसानों को नहीं मिल रहा लहसुन का बीज, खेती प्रभावित

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पौड़ी। बाजार में लहसुन की बढ़ी हुई दर काश्तकारों को परेशान कर रही है। अक्तूबर माह के दूसरे सप्ताह के बीतने के बाद भी काश्तकारों को लहसुन का बीज नहीं मिल पा रहा है। काश्तकार बीज के लिए उद्यान विभाग के चक्कर काट रहे हैं। विभाग की मानें तो लहसुन की बाजार में भारी कीमत के चलते शासन स्तर से ही इसके लिए टेंडरिंग प्रक्रिया नहीं हो पा रही है। इससे विभाग में बीज उपलब्ध नहीं है।
इन दिनों खुदरा बाजार में लहसुन करीब 400 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। सितंबर के अंतिम सप्ताह से बोए जाने वाले बीज को अक्टूबर के दूसरे सप्ताह निकलने के बाद भी नहीं बोया जा सका। बीज के लिए काश्तकार उद्यान विभाग के चक्कर काट रहे हैं। काश्तकार प्रदीप कुमार, मालती देवी कल्जीखाल ब्लॉक निवासी कमलकांत, नवीन, मनीष कुमार, मनोज कुमार व बीरोंखाल ब्लॉक निवासी शंभूप्रसाद ने बताया कि इस माह तक लहसुन बीज रोपण के बाद उसमें फसल उग जाती है, लेकिन बीज नहीं मिलने से अभी बुवाई ही नहीं हो सकी है। विभाग के मुताबिक जिले के सभी 15 ब्लॉकों में लहसुन की खेती की जाती है। हालांकि विभाग का कहना है कि जिले के सभी ऊंचाई वाले हिस्सों में नवंबर माह तक इसकी खेती की जा सकती है।
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सर्वाधिक लहसुन उत्पादन वाले ब्लॉक

उद्यान विभाग की मानें तो जिले में बीते साल 13718.45 क्विंटल लहसुन का उत्पादन हुआ। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल थलीसैंण में सर्वाधिक 163.20 हेक्टेयर में लहसुन की खेती हुई। जिसमें 2123.20 क्विंटल लहसुन का उत्पादन हुआ। जबकि दुगड्डा में 34.75 हेक्टेयर में 2245.10 क्विंटल, रिखणीखाल 21.93 हेक्टेयर में 1621.70 क्विंटल, कोट 15.71 हेक्टेयर में 1412 क्विंटल, द्वारीखाल 14 हेक्टेयर में 1278 क्विंटल व यमकेश्वर 16.74 हेक्टेयर में 1201 क्विंटल लहसुन का उत्पादन हुआ।



सबसे कम उत्पादन वाले ब्लॉक



जिले में लहसुन का सबसे कम उत्पादन पोखड़ा ब्लॉक में हुआ। ब्लॉक में महज 4.24 हेक्टेयर में 171.60 क्विंटल उत्पादन हुआ। इसके अलावा नैनीडांडा के 7.29 क्षेत्र में 363.50, एकेश्वर के 7.59 में 174.70, जयहरीखाल 11.86 में 775.50, खिर्सू 12.03 में 390.30 व द्वारीखाल में 13.39 हेक्टेयर में 1278.50 क्विंटल लहसुन का उत्पादन हुआ।

विभाग ने बीते साल 90 क्विंटल लहसुन बेचा

रिपोर्ट के मुताबिक उद्यान विभाग ने बीते साल जिले में 90 क्विंटल बीज का लहसुन पचास फीसदी अनुदान पर करीब 83 रुपये किग्रा की दर से विक्रय किया। विभाग की ओर से जनपद में लहसुन का एग्रीफोरम पार्वती प्रमाणित बीज ही काश्तकारों को मुहैया कराया जाता है। इसमें अधिकांश बीज हिमाचल, जबकि अवशेष टिहरी व अन्य जिलों से क्रय किया जाता है।
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क्या कहते हैं अफसर



शासन से टेंडरिंग प्रक्रिया होते ही जल्द ही लहसुन का बीज उपलब्ध हो जाएगा। साथ ही काश्तकारों को मुहैया भी करवाया जाएगा। हालांकि अभी नवंबर माह तक बीज रोपण किया जा सकता है। -राजेश तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी, पौड़ी गढ़वाल।
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