श्रीनगर। उत्तराखंड श्रमिक संगठन ने पेंशन के मामले में सर्वोच्च न्यायालय का आदेश लागू न किए जाने और अधिनियम 2022 लागू करने पर आक्रोश जताया है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में संगठन के महासचिव राम प्यारे भट्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को पेेंशन के लिए वर्कचार्ज की गई सेवाओं को सम्मिलित करते हुए लाभ दिया जाना था। लेकिन सरकार ने पेंशन रोक दी है।उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का एनपीएस खाता जीपीएफ में परिवर्तित हो चुका है। अधिकांश सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूर्ण ग्रेच्युटी आदि लाभ मिल चुके हैं। ऐसे में कुछ कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। भट्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सिंचाई विभाग के अधीन कार्यरत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वर्कचार्ज सेवा अवधि को सम्मिलित करते हुए पेंशन आदि का लाभ दिए जाने के निर्देश दिए थे। जिससे 80 फीसदी से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल चुका है। किंतु कुछ कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को पेंशन का लाभ दिए जाने और वसूली के आदेश निरस्त करने की मांग की है।