पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के मल्ली-बरसूड़ी मार्ग का डामरीकरण का कार्य पांच साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। यह मार्ग तीन गांवों के 50 से अधिक परिवारों की यातायात व्यवस्था का मुख्य आधार है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, लोनिवि मंत्री, विधायक पौड़ी से गुहार भी लगाई, लेकिन मांग पर आज कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग का जल्द से जल्द डामरीकरण कार्य शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। विकास खंड पौड़ी के बरसूड़ी गांव निवासी मनवर रावत, हुकम सिंह मियां व नेत्र सिंह मियां ने बताया कि श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से मल्ली-बरसूड़ी मार्ग का निर्माण किया गया है। बताया कि मार्ग का निर्माण वर्ष 2019-20 में लोनिवि श्रीनगर के निर्माण खंड की ओर से किया गया। उन्होंने बताया कि यह मार्ग 2.675 किमी लंबा है। जिससे मल्ली, श्रीकोट व बरसूड़ी के 50 से अधिक परिवार यातायात करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब श्रीकोट की बेटी अंकिता की हत्या के बाद स्वजनों को सांत्वना देने आए थे, तब सीएम से मार्ग के सुधारीकरण की मांग की गई थी। उन्होंने डामरीकरण-सुधारीकरण की घोषणा भी की थी। ग्रामीणों ने लोनिवि मंत्री, विधायक पौड़ी से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई सुध लेने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मार्ग का जल्द डामरीकरण नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उधर, लोनिवि निर्माण खंड श्रीनगर के अधिशासी अभियंता किशोर कुमार ने बताया कि मल्ली-बरसूड़ी मार्ग के डामरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव में दो करोड़ 13 लाख 88 हजार रुपये की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि बजट की स्वीकृति मिलते ही मोटर मार्ग का डामरीकरण कर दिया जाएगा।