फोटो
देवप्रयाग। सिद्धपीठ चंद्रबदनी में शारदीय नवरात्र में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण नवाहम यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथाव्यास डॉ. विनीत डबराल वत्सल ने कहा कि सिद्धपीठ चन्द्रबदनी में माता सती के विरह में भगवान शिव के मूर्छित होने पर जगतजननी भुवनेश्वरी ने उन्हें चंद्र समान वदन यानी मुख के दर्शन देकर उनकी चेतना लौटाई थी। तभी से यह शक्ति पीठ चंद्रबदनी कहलाई। देवी के विभिन्न स्वरूपों का भावपूर्ण वर्णन करते उन्होंने कहा कि आसुरी शक्तियों का नाश करने आद्यशक्ति प्रकट होती है। आचार्य वत्सल ने देवीचरित्र के माध्यम से नारी शक्ति की महिमा भी बताई। इस अवसर पर पूर्व काबीना मंत्री, मंत्रीप्रसाद नैथानी भी यहां आशीर्वाद लेने पहुंचे। चंद्रबदनी प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र भट्ट, प्रबंधक आनंद भट्ट, सचिव बच्चीराम, मुख्य पुजारी शिवप्रसाद भट्ट, शशिभूषण भट्ट, आचार्य विनय सेमल्टी मौजूद रहे। संवाद