दरअसल मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रहने वाले कुछ छात्र और कर्मचारी डेंगू से पीड़ित मिले हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी खुले स्थान में पानी नहीं छोड़े। जिला मलेरिया अधिकारी ने छात्रों, कर्मचारियों और प्रशिक्षु चिकित्सकों को मच्छर के लार्वा और प्यूपा को नष्ट करने के तरीके बताए और उसे नष्ट किया गया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में डेंगू के केस आने पर बुधवार को कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने टीम के साथ परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलेज के परिसर में डेंगू फैलाने वाली एडीज मच्छर के लार्वा और प्यूपा पाए गए। इस पर प्राचार्य ने परिसर से लार्वा और प्यूपा नष्ट करवाए। उन्होंने यहां सफाई रखने के आदेश जारी किए हैं।
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दरअसल मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रहने वाले कुछ छात्र और कर्मचारी डेंगू से पीड़ित मिले हैं। इसे देखते हुए प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने जिला मलेरिया अधिकारी इंद्रपाल सिंह के साथ परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षु डॉक्टरों को भी बुलाया गया। एमबीबीएस छात्रावासों (पुरुष व महिला) में निरीक्षण के दौरान खुली टंकी, टायर, कांच की टूटी बोतलों, पॉलिथीन और इधर-उधर एकत्रित साफ पानी में काफी मात्रा में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के लार्वा व प्यूपा पाए गए। प्राचार्य ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल जगह-जगह एकत्रित पानी गिराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कहीं भी खुले स्थान में पानी नहीं छोड़े। जिला मलेरिया अधिकारी ने छात्रों, कर्मचारियों और प्रशिक्षु चिकित्सकों को मच्छर के लार्वा और प्यूपा को नष्ट करने के तरीके बताए और उसे नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचने के लिए ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह ढके।