देवप्रयाग। सीएचसी बागी देवप्रयाग में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से गर्भवती व गर्भस्थ बच्चे की मौत के मामले की क्षेत्रवासियों ने सीएम से जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। तहसीलदार देवप्रयाग के माध्यम से इस मामले में एक ज्ञापन सीएम धामी को भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया कि बीती 29 जनवरी को रेलवे परियोजना की एलएनटी कंपनी में कार्यरत कर्मी की गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए सीएचसी लाया गया था। उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टरों ने उसे श्रीनगर रेफर किया लेकिन एंबुलेंस चालक के नहीं होने सहित 108 सेवा के समय पर नहीं पहुंचने से 31 वर्षीय महिला दर्द से तड़पती रही। महिला के पति सहित सीएचसी प्रभारी के कई बार फोन करने के बाद एंबुलेंस करीब दो घंटे बाद पहुंची। महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया गया। ज्ञापन में सीएम से उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। कहा गया है कि यदि एक सप्ताह में इस घटना के जिम्मेदार लोगों का खुलासा नहीं होता है तो क्षेत्रीय सीएचसी बागी में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन देने वालो में राज्य आंदोलनकारी विनोद टोडरिया, क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी देवी, उक्रांद युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष राहुल कोटियाल, ग्राम प्रधान रेखा भट्ट, अनूप कुमार, नटवर लाल, सुभाष भद्री आदि शामिल रहे।