देवप्रयाग । संगम नगरी में मकर संक्रांति का पुण्य लाभ लेने के लिए प्रदेश भर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में देवप्रयाग पहुंचे। इस अवसर पर कई स्थानों से पहुंची देव डोलियाें ने भागीरथी व अलकनंदा नदी के संगम पर निशाणों सहित स्नान किया। इस दौरान सूर्योदय से पूर्व गुप्त स्नान भी किया गया। मंगलवार सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर मकर राशि में सूर्य के प्रवेश के साथ संक्रांति पर्व का पुण्यकाल शुरू हो गया था। जिसके चलते मंगलवार तड़के, ऋषिकेश, पौड़ी, चमियाला टिहरी, नागनाथ पोखरी चमोली, हिडोलाखाल आदि से पहुंची भगवान महादेव, मां भगवती, घंटाकर्ण आदि देवी देवताओं की डोलियों ने ध्वज व निशाण के साथ पवित्र संगम पर स्नान किया। वहीं पौडी के सलाण, एकेश्वर, नागराजा सहित चाका, बड़ियारगढ़ आदि से जगहों से आए श्रद्धालुओं ने पूरे दिन गंगा में गोते लगाए व गुड, तिल, कम्बल, खिचड़ी आदि का दान किया। गंगा स्नान के बाद ढोल नगाड़ो के साथ देवडोलियां व श्रद्धालुओं ने भगवान रघुुनाथ के मंदिर में पूजा अर्चना की। मकर संक्रांति पर भगवान श्री रघुनाथ का पुजारी पंडित समीर भट्ट ने विशेष शृंगार किया।