पौड़ी के कोटद्वार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर शनिवार को दिनदहाड़े तीन नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे के बल पर बाइक सवार दंपति को लूट लिया। बदमाश दपंति से जेवरात, नगदी और मोबाइल लूटकर लालढांग रेंज के जंगलों में फरार हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जंगलों की कांबिंग की, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढ़े।
कुछ दूरी पर मिला बैग
घटनास्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर पुलिस को दंपति का कपड़ों से भरा बैग मिला, लेकिन लुटेरे कीमती सामान ले गए। लालढांग रेंज के जंगलों में हथियार बंद बदमाशों की मौजूदगी से वन सीमा से सटे भाबर के गांवों में दहशत बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार भाबर के जशोधरपुर, लूथापुर निवासी दिनेश सिंह और उसकी पत्नी कृष्णा देवी शनिवार को अपनी बाइक से गैंडीखाता से लालढांग होते हुए चिलरखाल की ओर आ रहे थे। दिन में करीब एक बजे जैसे ही वे मैहली सोत से सिगड्डी सोत की ओर बढ़े। जंगल में छिपे तीन नकाबपोश बदमाश हथियार लहराते हुए उनकी ओर आए और लात मारकर बाइक गिरा दी। बदमाशों ने तमंचे की नोक पर दिनेश और उसकी पत्नी से लूटपाट की।
लूट ले गए कीमती सामान
बदमाश सोने के कुंडल, सोने का मंगलसूत्र, सोने की चेन, चांदी की पायजेब, बिछुवे, मोबाइल फोन और करीब पांच हजार की नकदी लूटकर ले गए। भागने से पहले बदमाश बाइक की चाबी भी अपने साथ ले गए। करीब दस मिनट बाद लालढांग की ओर से अपने वाहन में सिगड्डी निवासी अनिल सती घटनास्थल पर पहुंचे। दंपति ने उन्हें लूट की घटना की जानकारी दी। उन्होंने चिलरखाल चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों को भिजवाया। इसके बाद जंगल में कांबिंग शुरू कर दी गई।
पहुंची एसओजी
दिनदहाड़े लूट की घटना से जहां पुलिस में हड़कंप मच गया, वहीं सिगड्डी क्षेत्र में दहशत पैदा हो गई। करीब चार बजे कोटद्वार से एसएसआई विजय सिंह के नेतृत्व में एसओजी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने लूट के शिकार हुए दंपति को कुछ बदमाशों के चित्र भी दिखाए।
उन्होंने बताया कि नकाब पहने होने के कारण वे उन्हें स्पष्ट रुप से नहीं पहचान सके। लूट के शिकार दिनेश ने बताया कि छह महीने पहले उसकी शादी गैंडीखाता निवासी कृष्णा देवी पुत्री बबलू सिंह से हुई थी। शुक्रवार को वे भैयादूज मनाने पत्नी के मायके गैंडीखाता गए थे। शनिवार को वे बाइक से लौट रहे थे कि उनके साथ वारदात हो गई।