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पेड़ों के अवैध कटान में चार महीने बाद मुकदमा

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पौड़ी। 102 हरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले में आखिरकार अमर उजाला की मुहिम काम लाई। चार महीने बाद इस प्रकरण में वन विभाग की तहरीर पर सरपंच समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चार महीने तक इसमें मुकदमा दर्ज कराने का मामला दो डीएफओ और जिलाधिकारी के सीमा विवाद में उलझा हुआ था।
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करीब चार महीने पहले बैंज्वाड़ी वन पंचायत क्षेत्र में 102 पेड़ काटे गए। तीन जुलाई को गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ रमेश चंद्रा ने मामले की जांच कराई तो अवैध कटान की पुष्टि हुई। घटनास्थल वन पंचायत क्षेत्र का होने पर डीएफओ ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। डीएम सुशील कुमार ने मामले की जांच एसडीएम सदर केएस नेगी को सौंपी। एसडीएम की जांच में भी अवैध कटान की पुष्टि हुई। अमर उजाला ने 12, 13 और 30 जुुलाई के अंक में प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। डीएम ने सात सितंबर को डीएफओ सिविल सोयम को एफआईआर के आदेश दिए। डीएफओ सिविल सोयम लक्ष्मण सिंह रावत ने जमीन राजस्व विभाग की होने और जांच गढ़वाल वन प्रभाग द्वारा किए जाने का तर्क देकर एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इस पर अमर उजाला ने अफसरों के सीमा विवाद के चलतेे मुकदमा दर्ज न होने के प्रकरण को भी 12 सितंबर के अंक में प्रकाशित किया। इंस्पेक्टर पौड़ी प्रमोद उनियाल ने बताया कि नागदेव रेंज के वन आरक्षी राकेश सिंह रावत की तहरीर पर बैंजवाड़ी वन पंचायत के सरपंच बुद्धि सिंह नेगी, कैलाश नेगी, भुवन नेगी, अनिल रावत, राजेंद्र नेगी, सूरज कुमार, लीला देवी, सुनीता देवी पत्नी विजेंद्र, सुनीता देवी पत्नी कला लाल (सभी पंच) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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