मनीष चंद्र भट्ट
पौड़ी। सरकारी मुलाजिमों के घरों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर तीन जिलों के सात थानों की पुलिस को चकमा दे रहे हैं। छानबीन में जुटी पुलिस को पौड़ी और गोपेश्वर में हुई चोरी की घटनाओं के कनेक्शन मिले हैं।
पौड़ी शहर में पिछले दिनों हुई ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। 27 जून को पौड़ी शहर में एक ही दिन में तीन कर्मचारियों के सरकारी आवासों पर लाखों की चोरी हुई। इससे पहले भी कुछ महीने के भीतर शहर में चोरी की ताबड़तोड़ वारदातें हुई हैं। इन घटनाओं की छानबीन के दौरान पुलिस को कुछ ठोस सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस तफ्तीश आगे बढ़ी तो चोरी की इन घटनाओं का गोपेश्वर कनेक्शन मिला। पुलिस के अनुसार तीन व चार अप्रैल को गोपेश्वर, 23 अप्रैल को पौड़ी, चार मई पौड़ी, पांच मई को गोपेश्वर, छह मई को पौड़ी, 13 जून को गोपेश्वर, 27 जून को पौड़ी और 28 जून को गोपेश्वर में सरकारी मुलाजिमों के आवासों में चोरों ने लाखों की चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस ने घटना के दिनों में गोपेश्वर और पौड़ी में एक्टिव मोबाइल नंबरों का मिलान किया। घटनाओं के दौरान दोनों जगह सक्रिय कुछ कॉमन नंबर मिले तो पुलिस की बांछें खिल गईं, लेकिन पूछताछ में ये नंबर कुछ बस और टैक्सी ड्राइवरों के निकले। जो रूटीन में पौड़ी-गोपेश्वर सवारी ले जाते हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्धों की तस्वीरें भी मिली हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की पड़ताल में यह पता चला है कि चोरों के इस गैंग में दो से तीन सदस्य शामिल हो सकते हैं, जो एक शहर में चोरी करने के बाद अगले या कुछ दिन के भीतर दूसरे शहर में घटना को अंजाम देते हैं। इस पर पौड़ी से लेकर गोपेश्वर तक के सात थानों की पुलिस को अलर्ट किया गया है। इन थानों की पुलिस चोर तक पहुंचने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में वाहनों की चेकिंग, वाहट्सएप और मुखबिरों की मदद भी ले रही है, लेकिन चोर अब भी पुलिस को गच्चा दे रहे हैं। पौड़ी के एसएसपी जगतराम जोशी ने बताया कि चोरों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलासा कर दिया जाएगा।