पौड़ी। जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने थाने में हंगामा काटा। वे ठेकेदार के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने पर मुकदमा दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे थे। हालांकि खबर लिखी जाने तक पुलिस ने मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उधर, आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना था कि जब तक पुलिस मामला दर्ज नहीं करती तब तक वे थाने में ही डटे रहेंगे।
जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज के आउटसोर्स कर्मचारी देर शाम कोतवाली पहुंचे। जीबी पंत आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष ने पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि जब बृहस्पतिवार को वे लोग ठेकेदार से वार्ता करने पहुंचे तो उसने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। तहरीर में उन्होंने कहा कि गत सात साल से उनके ईपीएफ खाते में धनराशि जमा नहीं हो रही है और इसे ठेकेदार हजम कर रहा है। तहरीर में उन्होंने कालेज प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार से धरने पर हैं। पूर्व में आउटसोर्स कर्मचारी 21 सितंबर से 10 अक्तूबर तक धरने पर रहे। तब उन्हें कुलसचिव ने विश्वास दिलाया कि उनकी मांगों का जल्द निराकरण होगा। मांगों के निस्तारण की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को जब कर्मचारी ठेकेदार से मिले तो ठेकेदार ने उन्हें नौकरी से निकालने और जान से मारने तक धमकी दी। कोतवाली पौड़ी में आउट सोर्स संघ के अध्यक्ष विपिन नेगी, उपाध्यक्ष दीपक नेगी, विवमल किशोर, राजीव नेगी, देवेंद्र पंवार, केवल सिंह, राकेश चंद्र, सिकंदर लाल, अर्जुन, समेत अन्य मौजूद हैं। यूकेडी के जिलाध्यक्ष सुबोध पोखरियाल भी आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में थाने में डटे हैं। इस बारे में प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद उनियाल से बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन वे नॉट रिचेबल रहे।