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गुरू पूर्णिमा के दिन शिक्षकों और छात्रों में टकराव

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गुरु पूर्णिमा की सुबह-सुबह एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में शिक्षक और छात्र आमने-सामने आ गए। शिक्षकों ने हाथापाई और अभद्र व्यवहार करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए लगभग आधे घंटे परीक्षा ड्यूटी का बहिष्कार किया। एसएसपी को कार्रवाई के लिए मेल भेजे जाने के बाद ही शिक्षक ड्यूटी पर लौटे। वहीं, छात्रों ने भी शिक्षकों पर झूठी शिकायत करने का आरोप हुए प्रदर्शन किया।
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मंगलवार को गढ़वाल विवि के शिक्षकों ने शिकायत की थी कि बिड़ला परिसर में सेमेस्टर परीक्षा के दौरान एक छात्र से फोन बरामद हुआ था। इस पर छात्र और उसके साथियों ने एक शिक्षक के साथ हाथापाई की। इससे नाराज गढ़वाल विवि शिक्षक एसोसिएशन (गुटा) ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की दशा में बुधवार से परीक्षा कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया।
शिक्षकों ने बुधवार सुबह आठ बजे पहली पाली की परीक्षा के लिए हॉल में जाने से इन्कार कर दिया। शिक्षकों का कहना था कि विवि प्रशासन दोषी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए और शिक्षकों की सुरक्षा की गारंटी ले।
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मौके पर पहुंचे अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एमएस नेगी और मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी ने शिक्षकों को समझाते हुए परीक्षा ड्यूटी करने की अपील की। परीक्षा केंद्र अधीक्षक प्रो. विभा मुकेश ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मेल भेजकर आरोपी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया है। इसके बाद शिक्षक परीक्षा ड्यूटी के लिए सहमत हो गए। आधा घंटे बाद साढ़े आठ बजे से परीक्षा शुरू हो पाई।
छात्रों का प्रदर्शन, कुलपति से वार्ता
शिक्षकों के आरोपों को झूठा बताते हुए छात्रों ने भी प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल से वार्ता के दौरान बताया कि शिक्षक के साथ मारपीट नहीं की गई है। केंद्र अधीक्षक की ओर से मेल भेजे जाने के बाद छात्र जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए विवि मुख्यालय पहुंचे। यहां उनकी प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट और मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी से वार्ता हुई लेकिन छात्र कुलपति से वार्ता करने की मांग पर अड़े रहे। बाद में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की कुलपति प्रो. नौटियाल से वार्ता हुई। छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने गलत लहजे में बात की थी। इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। छात्रों की उनसे बोलचाल हुई लेकिन मारपीट नहीं की गई।
दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क
विश्वविद्यालय के उड़न दस्ते का आरोप है कि छात्र परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन लेकर गया था। ऐसे में कक्ष निरीक्षकों पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि परीक्षा हॉल में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध है। वहीं, छात्र का कहना है कि उसके पास फोन नहीं, बल्कि स्मार्ट वॉच थी। यदि उसके पास मोबाइल फोन था तो उड़न दस्ते को फोन जब्त करने के साथ ही उसकी कॉपी भी जमा करनी चाहिए थी। इससे जाहिर होता है कि संबंधित शिक्षक गलत आरोप लगा रहे हैं।
घटना से क्षुब्ध केंद्र अधीक्षक ने छोड़ा पद
छात्रों और शिक्षकों के बीच टकराव की घटना से क्षुब्ध प्रो. विभा मुकेश ने केंद्र अधीक्षक पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं के हिंसक व्यवहार और उपद्रव को देखते हुए वे पद छोड़ रही हैं। कुलपति प्रो. नौटियाल ने बताया कि केंद्र अधीक्षक को परीक्षा तक पद पर बने रहने के लिए कहा गया है।
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