पौड़ी। वन विभाग ने फायर सीजन शुरू होने से पहले ही सिविल क्षेत्रों में वनाग्नि को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान व संवाद कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। सिविल वन विभाग ग्रामीणों व विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को वनाग्नि रोकने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को डीएफओ सिविल एवं सोयम पवन नेगी अपनी टीम के साथ जीआईसी सबदरखाल पहुंचे। जहां उन्होंने स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कर वनाग्नि के दुष्प्रभावों की जानकारियां दी। उन्होंने छात्राें को जंगलों में लगने वाली आग के खतरों, उसके दुष्प्रभावों व वनाग्नि को रोकने के सामूहिक उपायों से रूबरू किया। कहा कि वनाग्नि से न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों के जीवन पर भी इसका गंभीर असर होता है। उन्होंने ग्रामीणों व छात्रों को वनाग्नि व वन संरक्षण में उनकी भूमिका को लेकर भी जागरूक किया। डीएफओ ने बताया कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम पूरे प्रभाग में संचालित किए जाएंगे। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह रावत, वन दरोगा अरविंद रावत, लखपत सिंह पंवार, नरोत्तम प्रसाद, अखिलेश नेगी, सुनील भंडारी और जगदीश गोदियाल शामिल रहे।