देवप्रयाग। नगर के श्री रघुनाथ मंदिर में आयोजित शीतकालीन रामलीला में अशोक वाटिका विध्वंस और लंका दहन का मंचन किया गया। जैसे ही पवनपुत्र हनुमान ने अपनी पूंछ से लंका जलाई, पूरा प्रांगण जयश्री राम के नारों से गूंज उठा। इससे पूर्व, मंचित किए गए दृश्यों ने भी दर्शकों को बांधे रखा। विशेष रूप से अशोक वाटिका में माता सीता को हनुमान द्वारा भगवान श्रीराम की अंगूठी सौंपने और उसके पश्चात अक्षय कुमार वध का दृश्य प्रभावशाली रहा। लंकापति रावण के दरबार में मेघनाथ द्वारा हनुमान को बांधकर रावण दरवार में लाए जाने और उनके शौर्य प्रदर्शन के दृश्यों ने दर्शकों में देशभक्ति और धर्मनिष्ठा की भावना का संचार किया। रामलीला में कलाकारों के सजीव और कुशल अभिनय ने मंचन में चार चांद लगा दिए। रावण के किरदार में शंकर जोशी, मेघनाथ के रूप में दिवाकर ठाकुर, और अक्षय कुमार के पात्र में विनायक बड़ोला ने अपने दमदार प्रदर्शन से खूब रंग जमाया।