एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के भूगोल विभाग की ओर से शोध छात्रों, प्राध्यापकों और युवा शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान की प्रमुख विधियां और तकनीकी विषय पर 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित कार्यशाल का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ, पद्मश्री प्रेम चंद्र शर्मा और भारतीय भूगोल संघ के अध्यक्ष विख्यात भूगोलवेत्ता प्रो. सलाउदीन कुरेशी ने चौरास परिसर के एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में किया। पद्मश्री प्रेमचंद्र शर्मा ने कहा कि हिमालयी राज्यों में पलायन की समस्या का एकमात्र समाधान कृषि है। कृषि के क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा हमें जैविक खेती की ओर अग्रसर होना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. सलाउदीन कुरेशी ने शोध की विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जीवन में शोध कभी पूरा नहीं होता, नवीन तकनीकी, नए ज्ञान के लिए समय-समय पर हमें आगे बढ़ने के लिए शोध कार्य करने पड़ते हैं। कोर्स कोर्डिनेटर और भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो.मोहन सिंह पंवार ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के प्रतिभागी शामिल हैं। उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि विषय विशेषज्ञ 10 दिनों में शोध प्रशिक्षुओं के साथ अपना ज्ञान साझा करेंगे। सह समन्वयक डाॅ. हसवीर रहमान ने कार्यशाला की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी व धन्यवाद ज्ञापित किया। मौके पर अर्थ साइंस के डीन प्रो. एचसी नैनवाल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. महावीर सिंह नेगी, प्रो. वीपी नैथानी, डाॅ. राकेश सैनी, डाॅ. नीरज कुमार, डाॅ. अरविंद दरमोड़ा आदि मौजूद रहे।