भगवान राम की तपस्थली में आयोजित रामलीला के अंतिम दिन रावण का प्रभु राम के हाथों उद्धार होने पर भगवान राम की जयकार से मंदिर परिसर गूंज उठा। इसके बाद सुलोचना का विलाप, हनुमान द्वारा हृदय चीर कर उसमें भगवान राम के सदा रहने सहित विभीषण का लंकापति के रूप में राज्याभिषेक, सीता के प्रभु राम के दर्शन करने वाले दृश्य भी मंचित हुए। श्री रघुनाथ मंदिर में रावण के पुतला दहन के बाद लीला का समापन किया गया। राम ऋतिक बडोला, लक्ष्मण आदित्य डंगवाल, सीता श्रीश मिश्रा, रावण अत्रेश ध्यानी, हनुमान समीर पंचपुरी, विभीषण संतोष टोडरिया, सुलोचना दिवाकर ठाकुर आदि के पात्रों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। अंत में रामलीला समिति के अध्यक्ष शशिकांत पंचभैया व उत्तम भट्ट, विनोद बडोला, यमुना कोटियाल, सुरेश मिश्रा, सुबोध डंगवाल, गगन कोटियाल ने जनता का आभार जताया। संवाद