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श्रीनगर। जैन मंदिर में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक की स्मृति में मोक्ष सप्तमी महोत्सव मनाया गया। सामूहिक अभिषेक और शांतिधारा के साथ अनुष्ठान की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा का अभिषेक कर विश्व में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। नृत्य संध्या में बच्चों और महिलाओं ने जैन धर्म के सिद्धांतों को मंच पर जीवंत किया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ का जीवन अहिंसा, संयम, करुणा और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। संवाद