पौड़ी। विकासखंड कोट में रविवार को मनसार मेले का आयोजन किया गया। मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को हुए मेले में देवल गांव स्थित लक्ष्मण के मंदिर से ध्वज निसाणों के साथ ढोल-दमाऊं और रीति रिवाज के साथ ग्रामीण फलस्वाड़ी गांव पहुंचे। कोटसाड़ा गांव से ग्रामीण रस्सी व दूण-कंडी लेकर फलस्वाड़ी गांव पहुंचे। यहां निशान लगी लकड़ियों से खेत की खुदाई की गई। खुदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने सीतामाता के शिलारूपी दर्शन किए। मंदिर समिति के प्रदीप भट्ट ने बताया कि मान्यता है कि जब भगवान राम ने सीतामाता को जंगल भेजा था तो लक्ष्मण ने सीता को फलस्वाड़ी गांव में ही छोड़ा था। इसके बाद सीतामाता यहां धरती में समा गई थी। कुछ लोगों का मानना है कि इसी धरती के नीचे सीतामाता का मंदिर भी है।