श्रीनगर। तिनसोली गांव गुुप्तकाशी में 10 दिवसीय बगड्वाल नृत्य का समापन किया गया। इस मौके पर दूर दराज क्षेत्रों से पहुंचे लोगों और प्रवासियों ने अपने ईष्ट देवताओं को भेंट चढ़ाकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व ढोल दमांऊ और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों से देवताओं का आह्वान किया गया। देवता अवतरित होने पर देवनृत्य का आयोजन हुआ। ग्रामीण योगेंद्र सिंह रमोला ने बताया कि बगड्वाल नृत्य में ऐड़ी आछरियों की ओर से जीतू बगड्वाल के प्राण हर कर अपने साथ ले जाने का ढोल दमांऊ के साथ मंचन किया जाता है। विभिन्न देवी देवताओं का आह्वान कर बगड्वाल को फिर से जीवित कर बगड्वाल की ओर से अपनी बहन सोभनी को उसके ससुराल छोड़ना आदि घटनाओं का नृत्य के माध्यम से मार्मिक मंचन होता है। इस मौके पर बगड्वाल के पश्वा सुंदर सिंह रमोला व मुख्य अतिथि उम्मेद सिंह आदि मौजूद थे। संवाद