हल्द्वानी। दीपावली के बाद छठ पूजा त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके तहत छठ पूजा स्थल पर सफाई और साज-सज्जा का कार्य किया जा रहा है। बाजारों में पूजा संबंधी सामान बिकने लगा है।
बुधवार को पूरबी समाज की महिलाओं ने बुधवार सुबह गोधन पूजन के बाद छठ पूजा स्थल पर पूजा अर्चना की। महिलाओं ने अपनी जीभ में रेगनी का कांटा चुभोया। इस दौरान पूर्वांचल समाज की निर्मला सिंह ने बताया कि चातुर्मास में देव शयन को चले जाते हैं जिसके बाद देवताओं को जगाने के लिए गोवर्धन पूजा के मौके पर देवताओं को गोधन बनाकर उनकी पूजा की जाती है। भाईदूज के दिन गोधन को कूटा जाता है जिसका अर्थ उन्हें जगाना होता है। इसके बाद ही छठ पूजन की तैयारियां की जाती हैं।
वेदी बनाने की परंपरा आज भी कायम
हल्द्वानी। छठ पूजा स्थल पर वर्तमान में 19 वेदियां हैं। छठ पूजन पर इनकी बड़ी मान्यता होती है। मन्नत पूरी होने पर खुशी से वेदी निर्माण करवाने का चलन आज भी पूरबी समाज की संस्कृति में जीवंत है।
तल्ली हल्द्वानी निवासी प्रकाश यादव ने बताया कि उनकी बेटी की ससुराल बाजपुर में है। नाती के जन्म के समय आई परेशानियों के दौरान उनकी समधन ने बच्चे और बहु की कुशलक्षेम के लिए वेदी निर्माण का प्रण लिया था। इसलिए वह अपने नाती के नाम पर वेदी का निर्माण करवा रहे हैं।