हल्द्वानी। जग्गीबंगर हल्दूचौड़ की तीन महिलाओं ने पांच महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद मडुवे और सूजी की मैक्रोनी का कारोबार शुरू किया है। जहां आम मैक्रोनी में मैदा होता है और इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया जाता है। वहीं मोटे अनाज से बने इस उत्पाद लोग हाथों हाथ खरीद रहे हैं। दो महीने पहले शुरू किए कारोबार से महिलाओं की प्रतिदिन 1000 रुपये की कमाई भी हो रही है।इन दिनों उत्थान मंच में लगे हरेले मेले में कई महिलाओं ने स्टॉल लगाए हैं। इन्हीं में से एक स्टॉल में मौजूद उनकी जानकी तिवारी, हिमानी और ममता पलड़िया ने बताया कि समूह की महिलाएं हल्दूचौड़ में एक फैक्टरी में काम करती हैं। यहां से उन्हें अपना कारोबार शुरू करने की प्रेरणा मिली। तीन दिन में वह लोग मडुवे और गेहूं मिश्रित मैक्रोनी व चाऊमीन तैयार कर लेते हैं। यह अभी 120 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है। इसके अलावा वे लोग सूजी की भी मैक्रोनी तैयार कर रहे हैं। पहाड़ के धान को कूटकर वह लोग पोहा भी बना रहे हैं। संवाद