नैनीताल। हाईकोर्ट में महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला अधिवक्ताओं के योगदान पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित भी किया गया। वक्ताओं ने बार काउंसिल चुनाव में महिलाओं को मिले 30 फीसदी आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने न्याय व्यवस्था में महिलाओं के विशिष्ट योगदान पर जोर दिया जो स्वभाव से न्यायप्रिय होती हैं और अन्याय का विरोध करने का साहस रखती हैं। गोष्ठी में महिलाओं की पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अधिवक्ता के रूप में उनकी क्षमता और चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पा जोशी ने की। उत्तराखंड बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत, महासचिव सौरभ अधिकारी, मनीषा भंडारी, श्रुति जोशी, मीना बिष्ट, अविदित्य नौनियाल, प्रभा नैथानी, उन्नति पंत समेत कई अधिवक्ताओं ने संबोधित किया। इस मौके पर विदुषी निशंक, सीमा साह, लता नेगी, खुशबू तिवारी शर्मा, ज्ञानमति कुश्वाहा, गुंजन, रीमा राणा, बबीता, सहित भुवनेश जोशी, सुब्रत रस्तोगी आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।