नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे को लेकर अधिकारियों से वार्ता करते अपर सचिव वाईके पंत।
नैनीताल। केंद्र सरकार के दिशानिर्देश, प्रदेश शासन की गंभीरता और हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों के क्रम में नैनीताल से रानीबाग के लिए रोपवे का सपना साकार होने जा रहा है। आस्ट्रिया के विषय विशेषज्ञों की टीम की ओर से इन दिनों आवश्यक पड़ताल की जा रही हैं। मुख्य रूप से पूर्व में तय की गई मार्ग रेखा के अनुरूप कार्य किया जा रहा है जिसमें भूस्खलन के मद्देनजर भूमि की मजबूती, आम जन की सुरक्षा को देखते हुए बेहतर नियोजन आदि पहलुओं को देखा जा रहा है।
नैनीताल में वाहनों की बढ़ती संख्या, वाहनों के हिसाब से मार्ग और पार्किंग क्षमता कम होने से रोपवे को बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। बीते वर्षों में शासन स्तर पर इसके लिए पहल हुई। लेकिन हाईकोर्ट में जाने के बाद इसकी चाल मंद हुई। हाल ही में हाईकोर्ट के फैसले के बाद शासन प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है।
इस संबंध में जिला समेत शासन स्तर पर कई बैठकें भी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रानीबाग-नैनीताल रोपवे परियोजना को ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। प्रस्तावित रोपवे की लंबाई करीब 11.45 किमी है जिसके लिए रानीबाग, ज्योलीकोट व हनुमानगढ़ी में तीन स्टेशन स्थापित किए जाने हैं, यात्रा का सफर 60 मिनट होगा।
रोपवे को लेकर बीते कुछ दिनों से आस्ट्रिया के करीब छह से आठ विषय विशेषज्ञों की टीम पूर्व में निर्धारित मार्ग रेखा के अनुरूप पड़ताल कर रही है। बीते दिवस अपर सचिव वाईके पंत ने भी मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और इस संबंध में विशेषज्ञों से भी बात की। संवाद
...तो नैनीताल के लिए रोपवे ही विकल्प
- अपर सचिव वाईके पंत ने कहा कि नैनीताल में पर्यटक सीजन के दौरान जाम मुख्य समस्या बन गई है। इसके चलते पर्यटक यहां आने से कतराने लगे हैं। सीजन के इतर बर्फबारी पर भी यहां जाम लगना आम है। ऐसे में नगर में पर्यटन के भविष्य के लिए रोपवे बहुत जरूरी है। इसे लेकर सरकार व शासन गंभीर है। राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएलए) रोपवे डवलपमेंट का कार्य कर रही है। प्रदेश में आपदा आदि की गंभीरता को देखते हुए एलाइमेंट यानि मार्ग रेखा पर कार्य किया जा रहा है। आस्ट्रिया की रोप्स संस्था की टीम के विशेषज्ञ भी आवश्यक पड़ताल में जुटे हैं।