भीमताल (नैनीताल)। ब्रिटिश कालीन भीमताल डैम पर पड़ रही दरारें और डैम की दीवारों से हो रहे रिसाव की रोकथाम के लिए रविवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों और जांच दल के विशेषज्ञों ने डैम का निरीक्षण किया।
सिंचाई विभाग के एसडीओ सिंचाई दिनेश सिंह रावत और जांच दल की टीम ने डैम में पड़ रही दरारों का निरीक्षण किया। बताया कि सप्ताह भर के अंदर भीमताल डैम से हो रहे पानी के रिसाव की रोकथाम के लिए काम किया जाएगा।
बताया कि 140 साल से अधिक हो चुके भीमताल डैम की सुरक्षा दीवारों में जगह-जगह से दरारें पड़ने लगी हैं। इससे डैम के नीचे बसे नगर पंचायत के पर्यावरण मित्रों के आवासों के साथ ही आसपास के लोगों को खतरा बना हुआ है।
डैम के खतरे को देखते हुए पूर्व में सरकार और सिंचाई विभाग की ओर से वैज्ञानिकों की टीम निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी हैं। साथ ही पूर्व में डैम की मरम्मत के लिए आई मशीनों से डैम की ड्रिलिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
एसडीओ ने बताया कि रविवार को निरीक्षण करने के बाद रिसाव वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। डैम की दीवारों से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने का काम किया जाएगा। समाजसेवी पूरन बृजवासी ने सुरक्षा दीवारों को भी सही कराने की मांग की है।