हल्द्वानी। गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) सभी तिथियों में सर्वोत्तम मानी जाती है। बृहस्पतिवार होने के कारण इस दिन बृहस्पति देव के अलावा व्यास और सरस्वती पूजन करना उत्तम है। पूर्णिमा व्रत शुरू करने का भी सबसे शुभ दिन है। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि इस दिन गणपति भगवान, पंच देव पूजन, ब्राह्मण पूजन, व्यास पूजन, नवग्रह पूजन के बाद गुरु एवं चंद्रमा का आह्नवान करें। केले के पेड़ का इस दिन विधिवत पूजन करना चाहिए। हल्दी मिश्रित पानी से स्नान करना शुभ माना गया है। चंद्रोदय शाम 7:14 बजे बाद होने से पूजा और पूर्णिमा व्रत के लिए सबसे उपयुक्त समय है। संवाद