रामनगर (नैनीताल)। हमलावर बाघ को पकड़ने की मांग को लेकर पांच दिन बाद फिर से ग्रामीणों ने पर्यटकों की राह रोक दी। हालांकि ग्रामीणों ने एक घंटा ही जाम लगाया, जिसमें विदेशी पर्यटक भी फंस गए थे। कॉर्बेट पार्क के कालागढ़ एसडीओ के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए और तीन दिन का समय दिया।
28 जनवरी को हमलावर बाघ ने सांवल्दे पश्चिमी की महिला दुर्गा देवी को मार दिया था। बाघ को पकड़ने के लिए संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने पांच दिन का समय दिया था। ऐसे में रविवार सुबह 11 बजे फिर से ग्रामीणों ने धरना दिया। दोपहर 1:30 बजे तक जब पार्क प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने जाम लगा दिया।
सूचना पर कालागढ़ एसडीओ शालिनी जोशी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि तीन दिन में हमलावर बाघ को नहीं पकड़ा तो वह आंदोलन के विवश होंगे, जिम्मेदारी पार्क प्रशासन की होगी।
जाम लगाने वालों में ललिता रावत, तारा बेलवाल, हीरा सिंह, आनंद नेगी, संजय मेहता, रोहित रुहेला, प्रभात ध्यानी, अनीता गुसाई, उर्मिला देवी, गंगा गिरी, सुमित, मंगली देवी, ललित पांडे, गोपाल मेहरा, राशिद, जगदीश डोर्बी, भावना अधिकारी आदि शामिल रहे।
सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं
ग्रामीणों के जाम लगाने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। ऐसे में रिजॉर्ट जा रहे विदेशी पर्यटकों की बस भी जाम में फंस गई। हालांकि कुछ देर बाद जाम खुलने के बाद विदेशी पर्यटक अपने रिजॉर्ट को रवाना हुए। दूसरी ओर, पार्क प्रशासन की ओर से जंगल सफारी को जा रही जिप्सियों काे रवाना किया गया।
क्षमता से अधिक बाघों को हटाने की मांग
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि कार्बेट पार्क में बाघाें की संख्या 260 से अधिक हैं जबकि इसकी क्षमता मात्र 65 बाघ की है। यही कारण है कि बाघ व अन्य जंगली जानवर आबादी में पहुंच रहे हैं। यहां से क्षमता से अधिक बाघों को तत्काल हटाया जाना चाहिए।