कुमाऊं विश्वविद्यालय में कुलपति पद पर चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। देहरादून स्थित राजभवन में अगले एक-दो दिन में कुलपति के लिए साक्षात्कार होने हैं। सूत्रों की मानें तो ऐसा भी संभव है कि इस बार कुमाऊं विश्वविद्यालय को कोई महिला कुलपति मिल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो कुमाऊं विवि के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति के रूप में महिला कुलपति नियुक्त होंगी।
कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति के रूप में 11 मई 2020 को प्रो. एनके जोशी की नियुक्ति हुई थी। विवि में कार्यभार ग्रहण करने से पहले वह उत्तरांचल यूनिवर्सिटी देहरादून के कुलपति थे। वह विश्वविद्यालय के 29वें कुलपति थे। यहां उनका कार्यकाल 10 मई 2023 तक था लेकिन उनका चयन पहले ही श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर होने के कारण उन्होंने कार्यकाल खत्म होने से एक माह पहले ही त्यागपत्र दे दिया था।
प्रो. जोशी के कुलपति पद से त्यागपत्र देने के बाद राजभवन ने जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. मनमोहन सिंह चौहान को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया था। वर्तमान में वही यहां बतौर कुलपति कार्यभार देख रहे हैं। प्रो. जोशी के इस्तीफे के बाद कुलपति के पद के लिए आवेदन मांगे गए थे जिस पर 102 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें से सर्च कमेटी ने गहन मंथन के बाद पांच लोगों के नाम साक्षात्कार के लिए राजभवन को अग्रसारित किए।
सूत्र बताते हैं कि अगले एक दो दिन में ही देहरादून राजभवन में कुलपति पद के आवेदकों का साक्षात्कार होना है। इसके बाद जल्द स्थायी कुलपति के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि संभावना है कि इस बार कुमाऊं विश्वविद्यालय को महिला कुलपति मिल जाए।