हल्द्वानी। एक प्रदेश एक रायल्टी सहित कई मांगों को लेकर खनन कारोबार से जुड़े सैकड़ों लोगों ने गौला खनन संघर्ष समिति के बनैर तले महारैली निकाली। डीएम कैंप कार्यालय में उन्होंने सभा की। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
गौला और नंधौर के खनन गेट खुलने के बावजूद अभी तक उपखनिज निकासी शुरू नहीं की गई है। वाहन संचालक नदियों की रायल्टी की दर पट्टों से ज्यादा होने का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को गौला खनन संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों वाहन स्वामी गांधी स्कूल के पास एकत्र हुए। यहां से महारैली के रूप में डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया और धरना दिया। कैंप कार्यालय में हुई सभा में वाहन स्वामियों ने कहा कि एक प्रदेश में रायल्टी की दरें अलग-अलग हैं। गौला-नंधौर नदियों से जुड़े 10 हजार वाहन स्वामी सरकार की नीतियों के कारण परेशान हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। कहा कि सात सूत्रीय मांगों को लेकर वाहन स्वामी तीन महीने से आंदोलनरत हैं।
संघर्ष समिति के संयोजक रमेश जोशी ने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगों पर अमल नहीं करती उनका आंदोलन जारी रहेगा। चेतावनी दी कि अब वाहन स्वामी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, हेमवंती नंदन दुर्गापाल, किरन डालाकोटी ने कहा कि सरकार गौला-नंधौर नदी को बंद करने पर तुली है। इससे तीन लाख लोग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। इसके बाद भी सरकार सुध लेने को तैयार नहीं है।
इसके बाद संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को सौंपा। इस दौरान हुकुम सिंह कुंवर, जीवन कबडवाल, भगवान धामी, कैलाश भट्ट, जीवन बोरा, सुरेश चंद्र जोशी, कविंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह राणा, संदीप पांडे सहित सैकड़ों वाहन स्वामी मौजूद रहे।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने दिया समर्थन
हल्द्वानी। विधायक सुमित हृदयेश भी वाहन स्वामियों का समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने डीएम कैंप कार्यालय में धरना दिया। सभा को संबोधित करते हुए विधायक हृदयेश ने कहा कि सरकार गौला-नंधौर को बंद करने की तैयारी में है। समतलीकरण के नाम पर पट्टे बांट दिए गए। इनमें जमकर पैसों का लेनदेन चला। उन्होंने कहा कि वाहन स्वामियों की एकता और आंदोलन से ही सरकार को झुकाया जा सकता है। वह वाहन स्वामियों की मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं।
हल्दूचौड़ से लेकर गोरापड़ाव तक बंद रहा बाजार
हल्द्वानी। गौला खनन संघर्ष समिति के आंदोलन के समर्थन में हल्दूचौड़, मोटाहल्दू और गोरापड़ाव बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे। देर शाम बाजार खुला। यहां के व्यापार मंडल ने वाहन स्वामियों की मांगों का समर्थन किया।
ये हैं मांगें -
- एक प्रदेश एक रायल्टी की जाए।
- वाहनों की फिटनेस फीस पूर्व की भांति की जाए।
- ट्रैक्टर-ट्राली में एक ही परमिट और एक में ही टैक्स लगाया जाए।
- खनन वाहनों में आरएफआईडी चिप लगी है, इसलिए जीपीएस से छूट दी जाए।
- रामनगर, बाजपुर में अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
- स्टोन क्रशर में नदी से आ रहे उपखनिज का भाड़ा प्रशासन की मौजूदगी में तय किया जाए।