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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्पाइनल दिव्यांगता को आरक्षण में शामिल करने के निर्देश, भर्ती पर रोक

Sat, 10 Oct 2026 12:00 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने स्पाइनल दिव्यांगता को आरक्षण में शामिल करने का आदेश दिया है। पूर्व विज्ञापन पर भर्ती पर रोक लगाई गई है। यूकेएसएसएससी को भर्ती विज्ञापन में संशोधन के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभाग 15 दिन में संशोधित मांग भेजेंगे।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नैनीताल हाईकोर्ट ने बिना न्यूरोलॉजिकल कंडीशन की स्पाइनल डिफॉर्मिटी और स्पाइनल इंजरी को लोकोमोटर दिव्यांगता की उप-श्रेणी में शामिल कर भर्ती में क्षैतिज आरक्षण देने के संबंध में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 31 अगस्त 2026 के यूकेएसएसएससी भर्ती विज्ञापन के लिए संबंधित विभाग पदों में मांग में आवश्यक संशोधन करें और संशोधित मांग आयोग को भेजें।

न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मनोज सिंह कंडारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार ने 24 अगस्त 2022 की अधिसूचना के माध्यम से स्पाइनल डिफॉर्मिटी और स्पाइनल इंजरी को लोकोमोटर दिव्यांगता की नई उप-श्रेणी के रूप में शामिल किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने भी 11 फरवरी 2026 के शासनादेश के जरिए इसे मान्यता दी। इसके बावजूद यूकेएसएसएससी के 31 अगस्त 2026 के ग्रुप-सी भर्ती विज्ञापन में इस श्रेणी को आरक्षण में शामिल नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि संबंधित विभाग 15 दिन के भीतर आवश्यक पहचान और संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर संशोधित रिक्विजिशन यूकेएसएसएससी को भेजें। तब तक आयोग 31 अगस्त के विज्ञापन पर आगे की कार्रवाई नहीं करेगा। संशोधित रिक्विजिशन मिलने के बाद आयोग को आवश्यक शुद्धिपत्र जारी कर नई दिव्यांग श्रेणी को शामिल करना होगा।

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