हल्द्वानी। बेस अस्पताल में निजी संस्था ने बृहस्पतिवार को लंबित भुगतान को लेकर डायलिसिस बंद कर दी, इसके बाद रोगी और परिजनों ने हंगामा किया। लोगों ने सीएमओ से लेकर जन प्रतिनिधियों से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक हलचल शुरू हो गई। हालांकि सेंटर में छह गंभीर लोगों की डायलिसिस की गई। शाम तक संस्था के साथ वार्ता के बाद हल निकला। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शाम को संस्था ने सभी रोगियों की डायलिसिस की। शुक्रवार को सामान्य दिनों की तरह ही डायलिसिस होगी।
बेस अस्पताल में नेफ्रो केयर संस्था के माध्यम से आयुष्मान कार्ड धारक, बीपीएल कार्ड धारक रोगियों की डायलिसिस होती है। इनकी संख्या करीब दो सौ है। लंबे समय से संस्था अपने भुगतान संबंधित मामले को उठा रही है। बीच में कई बार बंद करने का नोटिस भी दिया गया था।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संस्था के लोगों से बातचीत कर डायलिसिस को बंद नहीं होने दिया था। पर गुरुवार को संस्था ने आयुष्मान कार्ड धारकों की डायलिसिस बंद कर दी। दिया, जबकि अधिकतर रोगी आयुष्मान कार्डधारक हैं। डायलिसिस बंद होने के बाद हंगामा हो गया। लोगों डायलिसिस सेंटर से लेकर सीएमओ कैंप कार्यालय पहुंच कर सीएमओ के सम्मुख भी शिकायत को दर्ज कराया।
बेस अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सविता ह्यांकी का कहना था कि संस्था का कहना है कि बीपीएल कार्ड धारक और एचआईवी रोगी की डायलिसिस करने पर 1200 का भुगतान होता है, जबकि आयुष्मान कार्ड धारकों के डायलिसिस होने 750 रुपये मिलते है। यह कम है, अन्य की तरह ही भुगतान होना चाहिए। इसके अलावा पुराने दस हजार डायलिसिस के भुगतान का भी विषय है। इसको लेकर संस्था ने नोटिस दिया हुआ था, जिससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। आज संस्था ने आयुष्मान कार्ड धारकों की डायलिसिस को बंद कर दिया है। संस्था ने केवल इमरजेंसी मामलों में डायलिसिस करने की बात कही है। इस बारे में डीजी हेल्थ कार्यालय और स्वास्थ्य प्राधिकरण का भी अवगत करा दिया है। अन्य जो भी भुगतान थे, वे हो चुके हैं। वहीं, डायलिसिस यूनिट प्रबंधक रविंदर सिंह का कहना था कि करीब 5 करोड़ 30 लाख बकाया है। इसके भुगतान के लिए कई बार अनुरोध किया जा चुका है। अभी इमरजेंसी मरीजों की डायलिसिस बंद नहीं की गई थी, छह गंभीर रोगियों की भी डायलिसिस की गई। वहीं, शाम के बाद रोगियों के लिए राहत की खबर आयी। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि शाम को वार्ता के बाद स्थिति ठीक हो गई। संस्था ने शाम को सभी रोगियों की डायलिसिस कर दी थी। शुक्रवार से सामान्य दिनों की तरह ही डायलिसिस होगी।
रोगियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा
हल्द्वानी। डायलिसिस के लिए आए त्रिलोक सिंह परगाई ने बताया कि सुबह डायलिसिस के लिए पहुंच गए थे। अब संस्था ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों की डायलिसिस नहीं हो सकती है। सरकार और संस्था के बीच की खींचतान आउटसोर्स कंपनी बीच विवाद का खामियाजा रोगियों का उठाना पड़ा है। अल्मोड़ा से आए रविंद्र का कहना था सरकार और संस्था के बीच गतिरोध है, उससे रोगियों को दिक्कत हुई। अनवर हुसैन का कहना था कि यहां पर मरीजों को सुविधा है, अगर निजी अस्पताल में करायेंगे तो काफी महंगा पड़ेगा।
अन्य व्यवस्था की गई: सीएमओ
हल्द्वानी। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि संबंधित मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। इस संबंध में देहरादून में कार्रवाई हो रही है। जिलाधिकारी ने भी इस संबंध में वार्ता की है। वहीं, रोगियों को दिक्कत न हो इसके लिए नेफ्रो संस्था से बात की गई तो उन्होंने इमरजेंसी मरीजों की डायलिसिस करने की बात कही थी। अन्य अस्पतालों में डायलिसिस के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई।