नानकमत्ता के ग्राम नवीनगर में रविवार को धार्मिक पूजा (चंगाई सभा) की आड़ में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विरोध करने पहुंचे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ दूसरे पक्ष की तीखी झड़प हो गई। आरोप है कि इस दौरान धर्मस्थल की छत से हुए पथराव और हाथापाई में कई ग्रामीण घायल हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने कोतवाली में प्रदर्शन कर पुलिस को तहरीर सौंपी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने धर्मांतरण का विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। पथराव में प्रियांशु राणा, रेनुवती देवी, सुनीता देवी, सरजू वती और किशन सिंह घायल हो गए। पुलिस ने सभी घायलों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष अजय भगत और बजरंग दल के प्रांत संयोजक पूरन जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने लेखपाल राजीव दुबे के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव के सीधे-सादे लोगों को धन और अन्य प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
दूसरा पक्ष भी अपनी शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचा। समाज राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष सुशील मसीह गिल ने धर्मांतरण के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे संविधान की ओर से दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत अपनी नियमित पूजा कर रहे थे और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
पुलिस ने विहिप की ओर से दी गई तहरीर रिसीव कर ली है। समाचार लिखे जाने तक मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर बजरंग दल के जिला संयोजक जितेंद्र विश्वकर्मा, बजरंग दल खटीमा के संयोजक कुणाल, धीरज पांडे, सीके बिष्ट, सोहन सिंह, मोले सिंह, केहर सिंह, गौतम सिंह, नरेंद्र सिंह, ज्योति राणा, रवीना देवी, वीर वती, रिंकू राणा सुनीता देवी आदि थे। इस संबंध में सीओ बीएस धौनी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन स्वीच ऑफ आ रहा था।
प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र विश्वकर्मा, कुणाल, धीरज पांडे, सीके बिष्ट, सोहन सिंह, मोले सिंह, केहर सिंह, गौतम सिंह, नरेंद्र सिंह, ज्योति राणा, रवीना देवी समेत ग्रामीण आदि मौजूद रहे।