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Uttarakhand News: परीक्षा के दौरान दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल

Fri, 02 Jan 2026 10:13 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेेज में सेमेस्टर परीक्षा जारी है। शुक्रवार सुबह की पाली में परीक्षा के दौरान दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ीं और दोनों बेहोश हो गईं।
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एमबीपीजी कॉलेेज में परीक्षा के दौरान बेहोश छात्रा को एंबुलेंस से भेजा गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेेज में सेमेस्टर परीक्षा जारी है। शुक्रवार सुबह की पाली में परीक्षा के दौरान दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ीं और दोनों बेहोश हो गईं। आनन-फानन कॉलेज प्रशासन में परिजनों और 108 को फोन किया गया लेकिन लापरवाही की हद तो तब हो गई शहर के बीच स्थित कॉलेज तक पहुंचने में एंबुलेंस को एक घंटा लग गया। घंटे भर बाद 108 के पहुंचने पर दोनों छात्राओं को बेस अस्पताल भेजा गया। उपचार के बाद दोनों की हालत ठीक है और परिजन उन्हें अपने साथ घर तो ले गए।

कड़ाके की ठंड में शुक्रवार सुबह बीए और बीएससी तृतीय सेमेस्टर की हिंदी विषय की परीक्षा थी। इसमें 800 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और 60 अनुपस्थित रहे। इस दौरान दो छात्राओं के अचानक बेहोश होने से कक्ष में खलबली मच गई। इनमें से एक छात्रा ठिठुरते हुए जमीन पर गिर पड़ी। शिक्षक उन्हें कंट्रोल रूम लेकर गए और वहां हीटर की सुविधा दी। सुबह 9.30 बजे दोनों के परिजनों और 108 आपातकालीन सेवा को फोन किया गया। कई फोन करने के बाद भी जब 108 का फोन रिसीव नहीं हआ तो फिर सीएमओ से संपर्क किया गया। करीब एक घंटे बाद 10.30 बजे एंबुलेंस पहुंचने पर दोनों को अस्पताल भेजा गया। बेस अस्पताल में एक छात्रा को इंजेक्शन लगाया गया जबकि दूसरी छात्रा कुछ देर बाद ठीक हो गई। दोनों को परिजन ले गए।

छात्राओं के बेहोश होने पर कॉलेज प्रशासन ने 108 को फोन किया तो रिस्पांस नहीं मिला। फिर हल्दूचौड़ 108 को और सीएमओ को फोन कर सूचना दी गई। एक घंटे बाद पहुंचे 108 के दो वाहनों में छात्राओं को प्राथमिक चिकित्सा के लिए अस्पताल भेज दिया गया था। बाद में ठीक होने पर दोनों दोबारा कॉलेज आई। हालांकि प्रश्नपत्र की परीक्षा के लिए उन्हें नियमानुसार बैक पेपर देना होगा। 108 सर्विस अच्छी होनी चाहिए थी जो कि देखने को नहीं मिली। - डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी।

108 कार्यालय देहरादून में है और फोन वहीं जाता है। जानकारी में है कि वहां फोन रिसीव नहीं हुआ। जैसे ही मुझे सूचना मिली एक एंबुलेंस कॉलेज भेजी गई। पता किया जाएगा आखिर देहरादून का फोन क्यों नहीं उठा। - डॉ. एचसी पंत, सीएमओ नैनीताल।

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