हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में लाखों रुपये के गबन के मामले में मुख्य आरोपी महिला कर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। साथ ही बिलिंग काउंटर की दो इंचार्ज को प्राचार्य कार्यालय से अटैच किया गया था। अब उन दोनों की सेवाएं भी समाप्त करने की तैयारी की जा रही है।
वित्त नियंत्रक की ओर से घपले की जांच की जा रही है। प्रत्येक रसीद को देखा जा रहा है। इस घपले में और कौन-कौन कर्मचारी, अधिकारी शामिल हैं, यह तो जांच का विषय है, लेकिन इसमें एक लंबी चैन होने का अंदेशा भी है। इधर, प्राचार्य डाॅ. अरुण जोशी ने बताया कि फिलहाल दो महिला कर्मचारियों को सस्पेंड करने के लिए निदेशालय को पत्र भेज दिया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में डिजिटल प्रक्रिया शुरू करने की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। हालांकि इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा।