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Nainital News: ढेला रेस्क्यू सेंटर से दो बाघ दून होंगे शिफ्ट

Sun, 25 Feb 2024 02:07 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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प्रतीकात्मक।
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखे गए दो बाघों को देहरादून शिफ्ट किया जा रहा है। रविवार को देहरादून जू की टीम रामनगर पहुंचेगी और सोमवार को दून के लिए रवाना होगी।
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ढेला रेस्क्यू सेंटर में वर्तमान में बाघ और तेंदुए के दस-दस बाड़े हैं। वर्तमान में बाघ के सभी बाड़े फुल गए हैं जबकि तेंदुए के दो बाड़े खाली चल रहे हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं आए दिन होने से बाघ और तेंदुओं को रेस्क्यू किया जा रहा है। ऐसे में ढेला रेस्क्यू सेंटर में इन वन्यजीवों के लिए जगह बनाना जरूरी है। नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की गाइडलाइन के अनुसार जिस बाघ के द्वारा किसी व्यक्ति की जान ली गई है, उसे छोड़ा नहीं जा सकता है। ऐसे में बाघों को केवल जू और रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जा सकता है। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की अनुमति के बाद ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखे गए दो बाघों को देहरादून स्थित जू भेजने की तैयारी चल रही है। सीटीआर के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय का कहना है कि रविवार को देहरादून जू की टीम रामनगर पहुंचेगी और सोमवार को बाघ देहरादून भेजे जाएंगे।

कॉर्बेट पार्क में 150 जिप्सियों में लगा जीपीएस ट्रैकर

रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अक्सर जिप्सी संचालकों की ओर से नियम के उल्लंघन की शिकायतें मिलती हैं। इस समस्या के निदान के लिए पार्क प्रशासन ने जिप्सियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) ट्रैकर लगाना शुरू कर दिया है। अब तक 150 से अधिक जिप्सियों में जीपीएस सिस्टम लगा दिए हैं। पिछले वर्ष से जनवरी 2024 तक 100 से ज्यादा जिप्सियों को वन क्षेत्र में नियमों का पालन न करने पर कुछ दिनों के लिए प्रतिबंधित किया गया था। इन मामलों में चालकों व गाइड पर भी पार्क प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी। वर्तमान में कॉर्बेट पार्क में लगभग 300 से अधिक जिप्सियां पंजीकृत हैं। पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों की दिनचर्या में पड़ने वाले असर को देखते हुए कॉर्बेट पार्क प्रशासन ने जिप्सियों में जीपीएस ट्रैकर लगाने का फैसला किया था। जीपीएस ट्रैकर लगने से जिप्सी की लोकेशन पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले जिप्सी चालकों पर कार्रवाई की जा सकेगी। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय का कहना है कि जिप्सियों में जीपीएस लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था से सभी जिप्सियों की लोकेशन आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
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